बिखरते पन्ने| आख़िर कौन ज़िम्मेदार है? ✍️ ये छिटककर बिखरते पन्ने क्या अकेले पूरे कर पाएँगे सपने? कितने रहाल बनेंगे अपने-अपने, हल्की हवाओं से क्यों दूर जा रहे पन्ने? क्या दो पन्नों को जोड़ने वाले धागे कमज़ोर हैं, या सिलने वाला ही कहीं मजबूर है? क्या उस पाठक का भी कोई कसूर है? इन किताबों के…