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त्यौहार त्यौहार अपने साथ कितने खुशियां लाता अपने साथ दूर परिजनों को समेटते आता उनको रिश्तों और प्यार की याद दिलाता घर के आंगन में एक नई रौनक लाता त्यौहार अपने साथ कितने खुशियां लाता उत्साह, उमंग की एक लहर लाता नई ऊर्जा का संचार लाता सभी के मुख एक मुस्कान लाता दीपावली छठ जैसे कई रूप…
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Poem on maa in hindi
मां तो मां होती है मां ✍️जब गुज़ उठ किलकारी घर के आंगन में सब हसे लेकिन मै रो रहा था
कैसे करू पहचान
कैसे करू पहचान ✍️कपड़ों से होती है पहचान सूट बुट वाला पाता सम्मान फटे कपड़े वाला नहीं बचा…
बिहार में प्रलय
कितने आपदाएं से गुजरेगा बिहार बिहार ✍️कितने-कितने आपदाएं से गुजरेगा बिहार कभी सुख़ार तो…
बिखरते पन्ने
बिखरते पन्ने ✍️ये छिटक के बिखरते पन्ने क्या अकेले पूरी कर पाएंगे सपने कितने रेहाल बनेंग…
मेरी मजबूरी
क्या करू साहब Lockdownमें पुलिस की सख्ती और लोग की मजबूरी …
कविता की सूची
- ❇️लाचार किसान
- ❇️दरिंदे
- ❇️मेहनतकश किसान
- ❇️जो छोड़ चला अपनी बुनियाद
- ❇️अपनी पहचान हिंदी में अस्वीकार है
- ❇️कुछ कर लो यार
- ❇️बेवफ़ा
- ❇️पहुंच से दूर वे शिक्षा उनके लिए
- ❇️ बादल भी अश्रु बहाए
- ❇️ बिहार में प्रलय
- ❇️ मां-बाप वृद्धाश्रम
- ❇️ विभिन्नता
- ❇️ सियासत की भूख
- ❇️उठ मां
- ❇️कहाँ हो मोहन
- ❇️कैसी है महामारी
- ❇️जिंदगी के हर जंग जीत जाएंगे
- ❇️दशरथ माझी
- ❇️बिखरते पन्ने
- ❇️माँ
- ❇️मुफलिसी
- ❇️मेरी मजबूरी
- ❇️मैं मजदूर पैसे के सामने मजबूर
- ❇️ये जंजीर
- ❇️शख्स
- ❇️सुनी पड़ गई नदिया
- ❇️हम उनको कहा चुनते है
- ❇️हैवानियत

